India’s first Government Skill University
मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष एवं गर्व हो रहा है कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कौशल शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर का अधिमान बन गया है। देश का पहला राजकीय कौशल विश्वविद्यालय होने के नाते श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कौशल एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रदूत की भूमिका निभा रहा है।
इस विश्वविद्यालय ने बहुत कम समय में इंडस्ट्री कॉरपोरेट और निजी व सरकारी क्षेत्र की आवश्यकताओं को न केवल समझा, बल्कि उनके अनुरूप जॉब रोल तैयार किए हैं। रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन और इलेक्ट्रिक व्हीकल के क्षेत्र में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय महत्वाकांक्षी कार्य कर रहा है। ड्रोन का बड़ा हब स्थापित करने की तैयारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेकंट्रोनिक्स और फोरेंसिक जैसे विषयों के अलावा एथनिक फूड, योग, लोक कला, वैलनेस और कृषि में प्रोग्राम बहुत प्रासंगिक हैं। किसानों की आमदन बढ़ाने और युवाओं को कृषि तथा बागवानी में व्यवसायिक उत्कृष्टता प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रोग्राम विद्यार्थियों के लिए सुनहरी अवसर हैं। जापानी और जर्मन भाषा के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अवसर भी विद्यार्थियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप यह सब प्रोग्राम हरियाणा कौशल विकास मिशन और एचएसआईआईडीसी के उद्देश्यों की भी प्रतिपूर्ति है। साथ ही 'कौशल भारत- कुशल भारत और स्किल इंडिया जैसे अभियानों को पुष्ट करने में यह प्रयास बड़ा कदम है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में 85 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट और उद्यमिता का विकास महत्वपूर्ण है।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय उद्यमिता एवं कौशल का सुखद एवं सार्थक समुच्चय बनकर उभरा है। विकसित भारत के लक्ष्यों की पूर्ति में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नवाचार को अंगीकार कर अनुपम आदर्श स्थापित करने की दृढ़ इच्छा शक्ति रखने वाले सभी विद्यार्थियों को मेरी शुभकामनाएं।